
2025 गुरु गोचर | गुरु गोचर का दिन और समय
गुरु यानि बृहस्पति का नौ ग्रहों में गुरु का स्थान है, इसलिए इस ग्रह को गुरु भी कहा जाता है. ब्रम्हांड में घटने वाली सभी शुभ घटनाओं का गुरु को कारका कहा जाता है. गुरु को ज्ञान, शिक्षा, शिक्षक, धर्म, बड़े भाई, दान, परोपकार, संतान, सभी प्रकार की पिली रंग की वस्तुए, चने की दाल, पिले वस्त्र, केले का पेड़ आदि का कारक माना जाता है. नौ ग्रहों की तुलना में गुरु की गति एक राशि में लगभग १३ महीनों की होती है. गोचर में जिस राशि में गुरु प्रवेश करता है, उस राशि के लिए यह अवसर अत्यंत शुभ फलदायी होता है.
गुरु के साथ मंगल, सूर्य, चंद्रमा तथा केतु मित्र ग्रह माने जाते है. बारा राशियों में धनु और मीन राशि गुरु की स्वराशि है, तथा कर्क राशि में गुरु उच्च के हो जाते है, गुरु धर्म या ज्ञान भाव का कारक होने के कारण, गुरु शिक्षा के पंचम, धर्म का नौ वे भाव में श्रेष्ट फल प्रदान करते है.
शुभ घटनाओं का कारक गुरु विवाह, मुंज आदि धार्मिक विधि के लिए कुंडली में गुरु का गोचर भ्रमण देखा जाता है. जैसे ही गुरु ग्रह जातक की कुंडलीके सप्तम भाव से गोचर भ्रमण करता है, जातक को विवाह के प्रस्ताव आना शुरू हो जाता है. तथा इसी गोचर भ्रमण में जातक का विवाह आदि शुभ कार्य भी पूर्ण हो जाते है.
इस पेज पर आपको गुरु गोचर 2025 की पूर्ण जानकारी मिलेगी. साथ में प्रत्येक राशि के अनुसार जातक पर क्या प्रभाव होगा इस की भी जानकारी मिल जाएगी.
2025 गुरु गोचर का दिन और समय
गुरु का मेष राशि में गोचर
🕓 अप्रैल 22, 2023, शनिवार को 06:12 ए एम
गुरु का मेष राशि में गोचर
🕓 अप्रैल 22, 2023, शनिवार को 06:12 ए एम
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