तिरुपति बालाजी के वो दस रहस्य, जिसे देख आप हैरान हो जायेंगे

आध्यात्मिक | February 3, 2020, 4:30 am | Jyotish Guide
तिरुपति बालाजी के वो दस रहस्य, जिसे देख आप हैरान हो जायेंगे

भारत में सबसे ज्यादा माथा टेकनेवाला मंदिर तिरुपति बालाजी (Tirupati Balaji), कहा जाता है. हर साल यहाँ लाखो भक्त दर्शन के लिए आते है. भारत में और मंदिरोंकी तुलना में यहाँ सबसे ज्यादा चमत्कारिक और रहस्य्मयी चीजे देखने को मिलती है. तिरुपति बालाजी मंदिर के मान्यता नुसार भगवान बालाजी (Tirupati Balaji) अपनी पत्नी पद्मावती के साथ तिरुमला में रहते थे. यह दुनिया का एकमात्र मंदिर होगा, आपके पास देने के लिए अगर कुछ ना हो, तो आप आपके केश यानि बाल दान कर सकते हो. इस मंदिर के ऐसे कुछ रहस्य है. जिसे देखकर हैरान हो सकते हो. तो चलिए देर किस बात की, देखते तिरुपति बालाजी मंदिर के सबसे बड़े दस रहस्य !

भगवान बालाजी के मूर्ति पर बाल है असली

▪ कहा जाता है, तिरुपति बालाजी मंदिर के भगवान् वेंकटेश्वर स्वामी की मूर्ति पर जो बाल है, वो उन्हीके असली बाल है. यह बाल कभी भी बिखरते नहीं और हमेशा मुलायम रहते है. और यह भी कहा जाता है, इसके पीछे का कारण यह है, की यहाँ पर साक्षात् स्वयं भगवान वेंकटेश्वर निवास करते है.

समंदर की लहरों की आवाज

▪ तिरुपति बालाजी मंदिर में जाने वाले भक्तोंकी यह मान्यता है, की भगवान वेंकटेश्वर के मूर्ति पर कान लगाकर ध्यान से सुनने पर समुंदर की लहरोंकी आवाज आती है. और यही कारण है, जिस के कारन भगवान वेंकटेश्वर की मूर्ति हमेशा गीली रहती है.

मंदिर में रखी छडी का रहस्य

▪ तिरुपति बालाजी मंदिर के मुख्य प्रवेशद्वार के दाहिने द्वार के बाजू में एक छड़ी है. इस छड़ी के बारे में कहा जाता है, बचपन में भगवान् बालाजी को इस छड़ी से मार खानी पड़ती थी. और उस वक्त भगवान बालाजी के थोड़ी पर मार लगी थी. उसी वक्त से लेकर आजतक प्रत्येक शुक्रवार के दिन भगवान् बालाजी के थोड़ी पर चंदन का लेप लगाया जाता है. जिससे उनकी जख्म का घाव भर जाये.

मंदिर में जलते दिए का रहस्य

▪ इस मंदिर में एक दिया हमेशा जलता रहता है आप कभी तिरुपति मंदिर में जायेंगे, तो यह दिया आपने जरूर देखा होगा. इस दिए में कभी भी तेल या घी नहीं डाला जाता. फिर भी यह दिया हमेशा जलता हुआ रहता है. इस बात को कोई नहीं जानता यह दिया कब और किसने लगाया है.

मंदिर में मूर्ति की दिशा का रहस्य

▪ भगवान बालाजी के मंदिर में जाने के बाद, आप तहखाने में जाकर मूर्ति को देखोगे, यह मूर्ति आप को बीचो बिच दिखाई देगी. अगर आप ने यह मूर्ति तहखाने से बाहर आकर देखि तो भगवान बालाजी की यह मूर्ति बाहि तरफ दिखाई देगी. है न ख़ास रहस्य.

भगवान बालाजी के ह्रदय में माता लक्ष्मी का वास

▪ श्री भगवान बालाजी के ह्रदय में माता लक्ष्मी वास करती है. यह बात तब समझने में आती है. जब हर बृहस्पतिवार भगवान बालाजी का पूर्ण श्रृंगार निकाल कर, उन्हें स्नान कर चंदन का लेप लगाया जाता है. यह चंदन का लेप निकालने पर, हृदयपर लगे चंदन से माता लक्ष्मी की छबी उभरकर आती है. इसीलिए कहा जाता है, भगवान बालाजी के हृदय में माता विराजमान है.

धोती और साड़ी पहनाने का रहस्य

भगवान बालाजी के मूर्ति को हर रोज निचे के हिस्से में धोती, और ऊपर के हिस्से को साडी से सजाया जाता है. इसका यह कारण है, की यहां के मान्यता नुसार, भगवान बालाजी के अंदर माता लक्ष्मी का रूप समाया है. इसीलिए भगवान बालाजी को धोती और सदी से सजाया जाता है.

चढ़ावे के सामग्री का रहस्य

भगवान श्री तिरुपति बालाजी के मंदिर से लगभग २३ किलो मीटर की दुरी पर एक गांव है. इस गांव में बाहर से किसी इंसान को आने के अनुमति नहीं है. लेकिन यहाँ के लोग बड़े नियमोंको पालने वाले है. कहा जाता है, भगवान बालाजी को चढाने वाले फल, दूध, दही, और घी, यह साडी चीजे इसी गांव से लाइ जाती है. गांव की महिला केवल सीए हुए कपडे पहनती है. और बड़ी श्रद्धा पूर्वक यह सामग्री भगवान बालाजी के लिए बनाई जाती है.

भगवान बालाजी के मूर्ति के पसीने का रहस्य

देखा जाए तो, भगवान बालाजी की मूर्ति एक ख़ास पत्थर से बनाई गई है. लेकिन फिर भी यह मूर्ति दिखने में जिवंत लगती है. इस मंदिर के वातावरण को ठंडा रखा जाता है. फिर भी भगवान बालाजी को गर्मी हो जाती है. और इसी कारन उनके बदन से पसीने की बुँदे दिखाई देती है. और मूर्ति की पीठ भी गीली हो जाती है.

तो यह थे, भगवान बालाजी के मंदिर के चमत्कार और रहस्य जो आपने शायद ही सुने होंगे या देखे होंगे.

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