Home Shubh Muhurat 2020 | शुभ मुहूर्त 2020 रविपुष्यामृत योग 2020 | Ravi Pushya Yog 2020

रविपुष्यामृत योग 2020 | Ravi Pushya Yog 2020

shubh muhurat

रविपुष्यामृत योग : ब्रम्हांड में कुल २७ नक्षत्र है. २७ नक्षत्रों के क्रम में ८ स्थान पर पुष्य नक्षत्र है. वैदिक ज्योतिष शास्त्र में इसे बहोत ही शुभ नक्षत्र माना गया है. २७ नक्षत्रो में इस नक्षत्र को राजा भी कहा गया है. रवि पुष्य नक्षत्र रविवार के दिन यह नक्षत्र आता है. रविवार और इस पुष्य नक्षत्र के संयोग से रविपुष्यामृत योग का निर्माण होता है. वैदिक ज्योतिष शास्त्र का यह मानना है की. सभी बुरी ग्रहोंकी दशाये अनुकूल बन जाती है. इस योग में किये काम का परिणाम हमेशा शुभ दाई होता है.

दिनांक आरंभ काल समाप्ति काल
रविवार, 12 जनवरी 2020 07:15:19 11:49:59
रविवार, 13 सितंबर 2020 16:33:43 30:05:41
रविवार, 11 अक्टूबर 2020 06:19:47 25:18:42
रविवार, 08 नवंबर 2020 06:38:38 08:45:30

पुष्य नक्षत्र में रविवार का दिन अमृत के समान बन जाता है. इसलिए इस दिन किये कार्य शुभ फल दाई सिद्ध होते है. अगर किसी शुभ कार्य की शुरुवात करनी हो. और ग्रह अनुकूल नहीं है, ऐसे में रवि पुष्यामृत योग या रवि पुष्य योग पर कार्य करना शुभ माना गया है. लेकिन विवाह के लिए ग्रह अनुकूल ना हो तो, यह योग लाभदाई सिद्ध नहीं होता है.

रवि पुष्य योग यह चीजें अवश्य खरीदें

इस योग में सोने के खरीददारी, प्रॉपर्टी की खरीददारी, नए वाहन की खरीददारी करना अत्यंत लाभदाई सिद्ध होता है. नया व्यापर करने के लिए, या नए व्यवसाय की शुरुवात करने के लिए रवि पुष्यामृत योग अत्यंत शुभ माना गया है. साधु सन्यासीओं को तंत्र मन्त्र की सिद्धि लेने के लिए, जड़ी बूटी जैसे औषधियोंको ग्रहण करने के लिए इस रविपुष्यामृत योग का मुहूर्त का उपयोग लाभदाई सिद्ध होता है.

रवि पुष्यामृत योग की विशेषताएं

  1. इस दिन व्यापर एवं व्यवसाय की शुरुआत सफल होती है.
  2. इस दिन किसी कार्य की शुरुवात से गुणवत्ता में बढ़ती है
  3. इस दिन सूर्य के बुरे प्रभाव से साधना से मुक्ति मिल सकती है
  4. नए वस्त्र, आभूषण और वाहन की खरीददारी शुभ फल दाई
  5. तंत्र मंत्र साधना के लिए अच्छा दिन. इस दिन जड़ी बुटियोंका सेवन करना लाभदाई सिद्ध होता है.

रवि पुष्य योग के दिन ये धार्मिक कार्य आवश्यक करे

  • रवि पुष्य योग में गाय को गुड़ खिलाना चाहिए, इससे आर्थिक वृद्धि होती है.
  • अगर किसी कार्य में बाधा या रुकावट आती है, तो इस दिन मंदिर में दीपक जलाना चाहिए
  • शत्रु पीड़ा से बचने के लिए, ताम्बे के लोटे में जल, दूध, लाल रंग का पुष्प और चन्दन डालकर सूर्य को अर्ध्य देना चाहिए.