शुक्र द्वारा बने ज्योतिष योग | नौ ग्रहों में शुक्र ग्रह

ग्रह परिचय | May 12, 2021, 2:10 pm | Jyotish Guide
शुक्र द्वारा बने ज्योतिष योग | नौ ग्रहों में शुक्र ग्रह

नौ ग्रहों में शुक्र का स्थान मानवी जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है. शुक्र द्वारा बने ज्योतिष योग क्या क्या है, यह इस विषय में देखेंगे मानवी जीवन में मनोरंजन का दुसरा नाम शुक्र है. शुक्र ही जीवन के सारे दुःख भुलाने की दवा है. संसार के सभी प्रकार के सुख कारक ग्रह शुक्र है.

ज्योतिष में शुक्र ग्रह को भौतिक सुख, वैवाहिक सुख, भोग-विलास, शौहरत, कला, प्रतिभा, सौन्दर्य, रोमांस, काम-वासना और सारे प्रकार के डिजाइनिंग आदि का कारक माना गया है. शुक्र की स्वयं की दो राशियाँ है, वृषभ और तुला राशि, तथा मीन राशि शुक्र की उच्चतम राशि है, और कन्या राशि शुक्र की नीच राशि मानी गयी है. शुक्र 27 नक्षत्रों में से भरणी, पूर्वा फाल्गुनी और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्रों का स्वामि है. शुक्र बुध का मित्र तथा शनि परम मित्र ग्रह है. सूर्य और चन्द्रमा शुक्र के शत्रु माने जाते है.

शुक्र ग्रह से संबंधित योग

लग्न भाव पर प्रभाव डालने वाला शुक्र जातक को नृत्य, चित्र, गायन, वादन, कला के प्रति रूचि और आकर्षण पैदा कराता है. शुक्र के प्रभाव से जातक काम भाव, भोग विलास संबंधी चीज़ों को अधिक प्राथमिकता देता है. जातक की कुंडली में शुक्र का प्रभाव होने से वह चित्रकार, गायक, नर्तक, कलाकार, अभिनेता आदि बनता है.

शुक्र द्वारा बने ज्योतिष योग : पत्नी योग, किसी भी प्रकार की कलाकारी, संगीत, यौन समस्या, किसी भी शौक से सबंधित कार्य, मनोरंजन सबंधित कार्य आदि सबंधित योग शुक्र से देखे जाते है.

शुक्र ग्रह से संबंधित व्यवसाय

सिनेमा, शयन गृह, बगीचा, बैंकेट हॉल, ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री, बंदरगाह, हवाई हड्डा, खादानें, देह व्यापार क्षेत्र आदि शुक्र के स्थान है.

शुक्र का वैदिक मंत्र

ॐ अन्नात्परिस्त्रुतो रसं ब्रह्मणा व्यपिबत् क्षत्रं पय: सोमं प्रजापति:।
ऋतेन सत्यमिन्द्रियं विपानं शुक्रमन्धस इन्द्रस्येन्द्रियमिदं पयोऽमृतं मधु।।

शुक्र का तांत्रिक मंत्र

ॐ शुं शुक्राय नमः

शुक्र का बीज मंत्र

ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः

शुक्र का रत्न – हीरा

रुद्राक्ष – छः मुखी रुद्राक्ष

शुक्र का रंग – गुलाबी

शुक्र का यंत्र – शुक्र यंत्र

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